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श्रीराम वनवास की कथा सुनाई

Vimal Sharma Updated Sat, 30 May 2026 07:46 PM IST

श्री महाकालेश्वर धाम में चल रही श्रीराम चरितमानस कथा में साध्वी पुष्पा रामायणी ने प्रभु श्रीराम का वनवास व सीता हरण का गुणगान किया गया। उन्होंने बताया श्रीराम का वनवास राजा दशरथ की रानी कैकेयी ने अपने पुत्र भरत के लिए अयोध्या का सिंहासन और श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। पिता के वचनों का मान रखते हुए श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ वन चले गए। वनवास का अधिकांश समय उन्होंने चित्रकूट और दंडकारण्य में बिताया। सीता हरण की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया वनवास के अंतिम समय में पंचवटी में राक्षस रावण की बहन शूर्पणखा ने श्रीराम से विवाह का प्रस्ताव रखा। मना करने पर लक्ष्मण ने उसके नाक-कान काट दिए। इसका बदला लेने के लिए रावण ने अपने मामा मारीच की सहायता ली। स्वर्ण मृग की कथा सुनाते हुए कथा वाचक ने बताया कि हिरण की सुंदरता पर मोहित होकर माता सीता ने श्रीराम से उसे लाने का आग्रह किया। श्रीराम हिरण के पीछे गए और अंत में बाण मारकर उसका वध कर दिया। इस अवसर पर श्रदालु मंत्रमुग्ध होकर कथा सुनते हुए नजर आए। इस मौके पर अरविंद, ऊषा, पीयूष, सपना, राजा राम दास, पवन, केके गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद

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