छठ महापर्व पर सूर्यदेव की पूजा-अर्चना के लिए पूरे शहर में आस्था और उमंग का माहौल दिखा। सुबह से ही घरों में तैयारियां होती रहीं। रसोई से आती गुड़ और चावल की महक, आंगन में रखे सुप-दौरे ने छठ महापर्व को और उत्साहित बना दिया। साथ ही मोहल्लों और इलाकों में सुबह से ही छठ के गीत गूंजने लगे। गली मोहल्लो और घरों में छठ मैया के गीत गूज रहे हैं।अवंतिका काॅलोनी निवासी प्रीति सिंह ने कहा कि मुझे व्रत रखते हुए चार साल हो गए हैं। पहले मेरी सास यह व्रत रखती थीं लेकिन उनकी तबीयत खराब रहने से चार साल पहले उन्होंने यह व्रत मुझे सौंप दिया। जब पहली बार व्रत रखना था तो लग रहा था कि कितना मुश्किल होगा लेकिन 36 घंटों का व्रत कब पूरा हो जाता है यह पता भी नहीं लगता।