कटरा पूरनजाट जीवन की सराय के रहने वाले चिरंजी लाल यादव को पद्मश्री अवाॅर्ड प्रदान किया जाएगा। उन्होंने ने बताया कि उनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। पिता स्व. फग्गन लाल यादव चना बेचते थे और मजदूरी करते थे। सातवीं कक्षा तक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने अजीविका चलाने के लिए पीतल पर नक्काशी का काम सीखना शुरू कर दिया। उस समय गुरु अमर सिंह ने नक्काशी का हुनर सिखाया। उन्होंने पीतलनगरी के असली हुनर के सांचे में ढाला। गुरु को वह कभी भूल नहीं सकते हैं। उन्होंने मेहराव वर्क, वर्मा बिदर वर्क, पंचरंगा वर्क, अंगूरी बर्क, फाइन वर्क, मरोड़ी वर्क का काम भी किया। सबसे ज्यादा बारीक काम मरोड़ी का होता है।