मंदिर परिसर के बाहर तक लंबी कतारें लगीं हैं। गंगा स्नान, ध्यान के पश्चात हाथों में नारियल, चुनरी व माता का प्रसाद लिए मंदिर की ओर जाने वाली गलियों में पहाड़ा वाली के जयकारे लगाते श्रद्धालु मंगला आरती के बाद मां विंध्यवासिनी के भव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बेताब दिखे।