फाल्गुन शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि पर बुधवार को विंध्य दरबार श्रद्धालुओं से पटा रहा। मंदिर पहुंचे आस्थावानों ने जगत जननी मां विंध्यवासिनी के आगे शीश नवाकर मंगलकामना की। मंदिर परिक्रमा पथ एवं गंगा घाटों पर दिनभर बच्चों के मुंडन संस्कार का दौर चलता रहा। वहीं, मंदिर के गुंबद और हवन कुंड का परिक्रमा करने वाले भक्तों का तांता लगा रहा।