मेरठ। ये कैसा सरकारी स्कूल, यहां न बच्चों को बैठने के लिए फर्नीचर है और न शौचालय व पानी की व्यवस्था। ये तस्वीर है महानगर के वार्ड 35 में बेरीपुरा सरकारी प्राथमिक स्कूल की। 60 वर्ग गज के प्लाट में एक कमरे की प्राइवेट बिल्डिंग में यह स्कूल चलता है। कमरे में ऑफिस है और बाहर लोहे की टीन शेड में बच्चे पढ़ते हैं। वह भी दरी पर बैठकर। बच्चों को फर्नीचर नसीब ही नहीं हुआ है। हलकी बारिश होते ही बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। कारण है कि टीन शेड में पानी आता है। अधिक गर्मी के दौरान टीन शेड तपती है। सच्चाई यह है कि सर्दी, गर्मी और बरसात में से किसी भी मौसम में बच्चों के लिए स्कूल में बैठने का उचित स्थान ही नहीं है। अमर उजाला की टीम शुक्रवार दोपहर 12 बजे दिल्ली रोड स्थित बेरीपुरा में पहुंची। काफी तलाश करने के बाद एक तीन फिट चौड़ी गली में प्राथमिक विद्यालय चलता मिला। टीन शेड़ में दरे पर बच्चे बैठे पढ़ाई कर रहे थे। हैडमास्टर दिलशाद अली, सहायक अध्यापक अरुण शर्मा और शिक्षा मित्र लता बच्चों को पढ़ा रहे थे। टीन शेड़ में छत में दो पंखे और दो टेबिल फेन चलते मिले। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे बेरीपुरा निवासी ही थे। शिक्षकों द्वारा बताया गया कि दो किमी के दायरे में यह इकलौता स्कूल है। 2020 से पहले इस स्कूल के बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर ही पढ़ते थे। कोरोना काल में पेड़ गिर गया तो टीन शेड डाली गई।