हस्तिनापुर थाना पुलिस ने 24 वर्षीय उज्जवल शर्मा हत्याकांड का खुलासा करते हुए 80 हजार रुपये के विवाद में दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी को मुठभेड़ में गोली लगी। गांव गणेशपुर निवासी उज्जवल शर्मा पुत्र सुभाष बुधवार को दवाई लेने हस्तिनापुर आया था। यहां वह अपने परिचित सौरव (निवासी मनोहरपुर कॉलोनी) और जोगेंद्र उर्फ लाखन (निवासी सैफपुर कर्मचंदपुर) के घर पर गया। पुलिस के मुताबिक, उज्जवल की मां ने पहले सौरव को 80 हजार रुपये उधार दिए थे, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद चलता रहता था। बुधवार को तीनों जोगेंद्र के घर पर मौजूद थे, जहां पैसों के लेन-देन को लेकर कहासुनी हो गई। इसी दौरान सौरव ने उज्जवल के पेट में गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को रानी नगला मोड़ से गिरफ्तार किया। सौरव को हत्या में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस बरामद करने के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उसने उप निरीक्षक संदीप सिंह की पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें सौरव के बाएं पैर में घुटने से नीचे गोली लगी। उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।