मेरठ। दौराला के भराला गांव में दो दिन पहले रजबहे के टूटने से महिला किसान पूजा के खाली पड़े खेत में पानी भर गया। महिला किसान गेहूं की बुवाई की तैयारी कर रही थी। पानी भरने से फसल की बुवाई नहीं हो सकेगी। पूजा ने बताया कि टोल प्लाजा से भराला की ओर आ रही रजबहे की पटरी मार्ग पर उसने खेत ठेके पर ले रखा है। खेत में गेहूं की फसल की बुवाई के लिए उसने खेत को खाली छोड़ रखा था। सितंबर माह में रजबहे के टूटने से खेत जलमग्न हो गया था। उस दौरान पूजा ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी थी, लेकिन अधिकारियों ने लापरवाही करते हुए कट्टों में मिट्टी भरकर रजबहे के टूटे स्थान पर लगा दिए। वर्तमान में वह गेहूं की फसल की बुवाई की तैयारी कर रही थी। परंतु, दो दिन पहले रजबहे के टूटने से खेत में पानी भर गया। पानी अभी तक खेत में भरा हुआ है। सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर हरिश्चंद्र ने बताया की रजबहे पटरी की चौड़ाई 150 फीट है, जो किसानों ने काट कर अपने खेत में मिला रखी है। यही कारण है कि आए दिन रजबहा टूट जाता है।