फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sawan Aaya: सावन आया, झूले लाया, बच्चों संग दादी भी मुस्कुराई, गांव में झूमा बचपन

डिंपल सिरोही Updated Sun, 13 Jul 2025 11:40 AM IST

सावन का महीना आते ही गांवों में फिर से वही पुरानी रौनक लौट आई है। पेड़ों पर पड़े झूलों के साथ बच्चों की मुस्कान भी लौट आई हैं। कस्बे की गलियों में अब फिर से सावन के झूले हवा में झूलते नजर आ रहे हैं। रविवार को बड़ौत के कस्बा दोघट में बुजुर्ग महिला रोशनी देवी ने अपने पोते जयंत पंवार, अर्जित पंवार, वेदांत पंवार पोती माही पंवार व मोहल्ले के अन्य बच्चों को झूले में झुलाया। बच्चों की खिलखिलाहट और चेहरे की मुस्कुराहट ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। बच्चों को मुस्कुराते देख खुद रोशनी देवी भी खिल उठीं। उन्होंने कहा-हमारे जमाने में भी ऐसे ही झूले पड़ते थे, आज इन बच्चों को झूलते देख मन फिर से बच्चा हो गया। सावन की फुहारों और हरियाली के बीच झूलों की यह परंपरा गांवों में अब भी जीवंत है, जो न केवल बच्चों को आनंद देती है बल्कि बुजुर्गों के चेहरे पर भी बीते दिनों की यादें और खुशी ले आती है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें