मेरठ। गांव सरूरपुर खुर्द में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताई। उन्होंने भारत-अमेरिका समझौते का विरोध करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और सरकार की नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकता है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि भारत की गलत नीतियों के कारण देश में तेल और रसोई गैस की किल्लत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर आम जनता और किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर लोग गैस की कमी की समस्या झेल रहे हैं। ईरान हमेशा भारत की मित्र देश रहा है। प्रधानमंत्री को समझौता के प्रयास करना चाहिए था। इजरायल दौरा और इजराइल से दोस्ती भारत का के लिए चिंता का का सबब बन रहा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि देश में संकट की स्थिति पैदा होती है तो सभी नागरिकों को देश के साथ खड़ा होना चाहिए। डीजल, पेट्रोल और गैस का अनावश्यक उपयोग कम करना चाहिए। यात्रा के लिए निजी वाहनों के बजाय सरकारी बसों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश के साथ खड़ा रहे और संसाधनों का संयम से उपयोग करे। गांव सरूरपुर खुर्द में आयोजित किसान गोष्ठी में बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। इस दौरान किसानों की समस्याओं और खेती से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इससे पहले राकेश टिकैत गांव इकड़ी भी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय किसान यूनियन किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज त्यागी के पुत्र के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए परिजनों को सांत्वना दी।