श्रमण संस्कृति श्रीसंघ की ओर से रविवार को महावीर जयंती भवन में पूजन प्रशाल शिविर का आयोजन किया गया। 75 से अधिक बालक व बालिकाओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बालक व बालिकाओं ने बाहुबली भगवान के विषय में जाना। सौरभ जैन सर्राफ ने बच्चों को बताया गया कि श्री बाहुबली भगवान चौबीसों तीर्थंकर से पहले मोक्ष गए थे, वे प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान के 100 पुत्रों में एक थे।