मेरठ में बागपत रोड को रेलवे रोड जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए आशीर्वाद अस्पताल का रास्ते में आ रहा हिस्सा 15 अगस्त तक ध्वस्त किया जाएगा। अस्पताल का 6.9 मीटर हिस्सा खुद इसे ध्वस्त करेगा। मेडा के नाम रजिस्ट्री होगी और अस्पताल प्रबंधन को 76 लाख रुपये मुआवजा देगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी समिति ने 15 लाख रुपये इमारत और 61 लाख रुपये जमीन का मूल्यांकन किया है। वहीं अस्पताल के बराबर वाले प्लॉट मालिक से भी सहमति बन गई है। मार्ग चालू होने के बाद दूसरे फेज में प्लॉट से रास्ता बनाकर मार्ग चौड़ा किया जाएगा। दो महीने से रुका है निर्माण रेलवे रोड को बागपत रोड से जोड़ने वाली लिंक रोड को आशीर्वाद अस्पताल का कुछ भाग और दो दुकानों की जमीन लेकर मार्ग निकाला जाना था। लिंक रोड को 31 मार्च तक खोला जाना था लेकिन तीन महीने और अधिक बीत जाने के बाद भी इसे नहीं खोला जा सका है। पिछले दो महीने से महीने से मार्ग का निर्माण रुका हुआ है। अस्पताल प्रबंधन तो जमीन देने को तैयार है लेकिन मुआवजे के मूल्यांकन को लेकर मामला अटका हुआ था। अब अस्पताल प्रबंधन ने 15 अगस्त तक का समय ध्वस्तीकरण के लिए मांगा है। मेडा ध्वस्तीकरण के बाद जमीन अपने नाम रजिस्ट्री कराकर मार्ग शुरू कर देगा। मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने समिति ने मुआवजे का मूल्यांकन कर लिया है। मेडा अपने पक्ष में रजिस्ट्री कराकर 76 लाख रुपये मुआवजा देगा। उन्होंने बताया कि दो फेज में मार्ग खोलने का काम होगा। इसमें पहले फेज में अस्पताल का 6.9 मीटर हिस्सा ध्वस्त कर मार्ग चालू किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन को स्वयं इसे ध्वस्त करने को कहा है, जिसके लिए 15 अगस्त तक का समय मांगा गया है। वहीं बराबर वाले प्लॉट के लिए सहमति बन गई है। नए सर्किल रेट लागू होने के बाद दूसरे फेज में प्लॉट में से सात मीटर मार्ग निकाला जाएगा।