कपसाड़ कांड के बाद गांव जाने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। गांव से ढाई से तीन किलोमीटर पहले ही सभी सीमाएं सील की हुई हैं। बैरिकेडिंग लगाकर हर किसी को रोका जा रहा है। ना मीडिया की एंट्री है और ना ही किसी राजनीति दल के नेता और कार्यकर्ता की। यहां तक कि गांव में रहने वाले ग्रामीणों के आधार कार्ड देखकर ही उनको अंदर भेजा जा रहा है।