मेरठ के सरधना तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 58 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन इनमें से लंबित 7 शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका। जबकि मौके पर कोई निस्तारण नहीं किया गया। अधिकतर शिकायतें राजस्व, चकबंदी, पैमाइश और विद्युत विभाग से संबंधित रहीं। समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राप्त शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाधान दिवस के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीएम ने स्वयं कई शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जनसमस्याओं का स्थल पर समाधान करना है, न कि उन्हें लंबित रखना। हालांकि शिकायतों की संख्या के अनुपात में निस्तारण की दर कम रही, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है। स्थानीय नागरिकों ने भी मांग की कि समाधान दिवस को औपचारिकता न बनाकर, जनहित में प्रभावी मंच बनाया जाए।