मवाना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रबुद्ध एवं प्रमुख जनों की गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य वक्ता जतन स्वरूप ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति में राष्ट्रभक्ति की भावना होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संविधान हमें जहां मौलिक अधिकार देता है, वहीं हमें अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए। अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गोष्ठी में संघ के विचारों के माध्यम से राष्ट्रभक्त समाज के निर्माण और देशहित में कार्य करने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।