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Meerut: सरधना की रामलीला में कलाकारों ने दर्शाया अत्यंत मार्मिक और रोमांचक लीला का मंचन

मेरठ। सरधना नगर में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव के अंतर्गत सोमवार रात्रि को श्रीराम मंडल के कलाकारों द्वारा एक अत्यंत मार्मिक और रोमांचक लीला का मंचन किया गया, जिसमें लक्ष्मण की मूर्छा, हनुमान द्वारा संजीवनी पर्वत लाने और उनकी चेतना लौटने की लीलाओं को भव्य रूप से प्रस्तुत किया गया। लीला की शुरुआत लंका में मेघनाथ के यज्ञ से होती है। यज्ञ के जरिए वह युद्ध में अजेय बनना चाहता है। इसकी जानकारी विभीषण द्वारा हनुमान को दी जाती है, जो लक्ष्मण जी के साथ यज्ञ स्थल पर पहुँच जाते हैं। वहां लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच जबरदस्त युद्ध होता है। मेघनाथ युद्ध में ब्रह्मशक्ति का प्रयोग करता है जिससे लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। यह दृश्य मंच पर इतनी कुशलता से प्रस्तुत किया गया कि दर्शकों की आंखें नम हो गईं। लक्ष्मण की मूर्छा के बाद श्रीराम का विलाप, मंच की सबसे भावनात्मक लीला बन गई। श्रीराम की भूमिका निभा रहे कलाकार ने जब संवाद बोले लक्ष्मण! मेरे प्राणों से भी प्यारे भाई तुम मुझे छोड़कर मत जाओ.. तो पूरा पंडाल गहरी चुप्पी और श्रद्धा में डूब गया। हनुमान, लंका के वैद्य सुषेण को लाते हैं, जो बताते हैं कि संजीवनी बूटी ही लक्ष्मण की जान बचा सकती है। हनुमान तत्परता से हिमालय पर्वत की ओर प्रस्थान करते हैं। लेकिन संजीवनी बूटी को न पहचान पाने के कारण वह पूरा द्रोणागिरी पर्वत ही उठा लाते हैं। हनुमान का उड़ान दृश्य, प्रकाश और ध्वनि के विशेष प्रभावों के साथ मंचित किया गया, जिसे देखकर बच्चों और युवाओं ने खास उत्साह दिखाया।

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