घोसी कोतवाली क्षेत्र के काजीपुरा मुहल्ले में बने कबिस्तान में दफन एक महिला का शव एसडीएम घोसी के देखरेख में संयुक्त टीम द्वारा निकाला गया।कब्र से निकले शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजवाया गया।जहां तीन सदस्यीय टीम द्वारा इसका पीएम किया जाएगा। इससे पहले जिले में पहली बार कब्र से शव निकाले जाने की सूचना को लेकर कब्रिस्तान पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ रही। उधर 135 दिन पहले मृत महिला की मौत का राज भी खुलेगा कि उसकी हत्या हुई थी या उसके गिरने से उसकी मौत हुई थी। रविवार की सुबह खराब मौसम के चलते शव दस बजे के बजाए तीन घंटे विलंब यानी दोपहर एक बजे से निकालने की मजिस्ट्रेट / नायब तहसीलदार अमरनाथ यादव की उपस्थिति में कवायद शुरू की गई।कोर्ट के आदेश को लेकर कब्र से शव निकालने की तैयारी के तहत सबसे पहले इसकी खोदाई नगर पंचायत के कर्मचारियों द्वारा जेसीबी मशीन से की गई, इसके बाद बेहद सावधानी से फावड़े खोदकर कर करीब 40 मिनट बाद दफन शव को बाहर निकाला गया।शव को निकालने के बाद मौजूद घोसी सीएचसी के चिकित्सकों की टीम और घोसी कोतवाली की एक विशेष टीम के सुरक्षा व्यवस्था के बीच पीएम के लिए इसे जिला अस्पताल भेजा गया। उधर इस संबंध में नायब तहसीलदार अमरनाथ यादव ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर शव को बाहर निकाला गया है, मृतका की छोटी बहन का आरोप है कि उसकी बहन की हत्या हुई है। अब पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। शव निकाले जाने के समय नायब तहसीलदार अमरनाथ यादव, अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, अपराध निरीक्षक मोतीलाल पटेल, राजस्व निरीक्षक मतीन खान, लेखपाल पंकज चौहान आदि उपस्थित रहे। मृतका की छोटी बहन का आरोप, दुष्कर्म की घटना छुपाने को लेकर उसकी बहन की हुई थी हत्या घोसी। बताते चले कि मृतका का पति वर्तमान में अपनी साली से दुष्कर्म और उसका अश्लील वीडियो करने के आरोप में जेल में है। मृतका की बहन ने अपने जीजा पर अपनी बहन का हत्या का आरोप लगाते हुए इस मामले में उसे सजा दिलाने को लेकर कोर्ट से शव निकालकर पीएम कराने की मांग की थी। पीड़िता का आरोप है कि जब उसकी बहन गर्भवती थी तो वह उसका देखभाल करने के लिए नवंबर 2024 में उसके घर पर पहुंची थी। जहां उसके जीजा ने बीते 30 नवंबर 2024 को उससे दुष्कर्म किया, जिसे उसकी बड़ी बहन ने देख लिया था। इस पर उसके जीजा ने सकी बहन की हत्या कर दी थी, जहां सभी के समक्ष मौत को घर में गिरने से चोट लगने से मौत बताया था।