जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद भी जिले में गोंड जाति के लोगों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। समय सीमा समाप्त होते ही एक बार फिर गोंड समाज के लोग धरना प्रदर्शन करने पर उतारू हो गए। हालांकि प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए गोड़ जाति के लोगों को तहसील परिसर में नहीं घुसने दिया। समाचार दिए जाने तक धरना प्रदर्शन करने पर अड़े गोंड जाति को लेकर तहसील के बाहर सड़क पर खड़े होकर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श कर रहे थे। जनपद की गोंड जाति अपने को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर गोंंड जाति के लोग तीन बार तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। विगत 18 जनवरी को जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र गोंड जाति के लोगों की मांग पर एक सप्ताह में निर्णय लेकर प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। समय सीमा समाप्त हो गई। कार्रवाई नहीं हुई तो बुधवार को तहसील क्षेत्र के दूर दराज से सैकड़ो लोग तहसील परिसर में धरना देने आ गए। इसकी जानकारी होते ही प्रशासन ने सर्किल के तीन थाना क्षेत्रों से पुलिस फोर्स बुलाकर गोंड समाज को तहसील में परिसर में घुसने से रोक दिया। तहसीलदार अनीस सिंह, एसडीएम अभिषेक गोस्वामी आंदोलनकारी से आंदोलनकारियों से वार्ता किए लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को परिसर में घुसने पर सख्ती करने का पुलिस को निर्देश दिया। जानकारी मिलने पर गोंड समाज के लोग तहसील के बाहर मुख्य सड़क किनारे ही धरना देना चाहे लेकिन प्रशासन ने सख़्ती दिखाते हुए सड़क पर धरना प्रदर्शन करने से मना कर दिया। धरना प्रदर्शन को लीड करने वाली छात्रा अनुष्का गोंड का कहना है कि अधिकारियों ने वादा खिलाफी किया है। तीन बार आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया। उसके बाद भी हमारी सुनवाई नहीं हो रही है इससे प्रशासन की मंशा उजागर हो रही है। बोला कि हम लोग लोकतांत्रिक तरीके से धरना करना चाहते हैं लेकिन प्रशासन पुलिस बल के सहारे हमें धरना नहीं करने दे रहा है।