पवित्र सावन माह की कामदा एकादशी के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। अपने आराध्य के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में भक्त वृंदावन पहुंचे। तड़के से ही मंदिर प्रांगण और आसपास की गलियों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। 'बांके बिहारी लाल की जय' और 'राधे-राधे' के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। जबरदस्त भीड़ और भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद जब भक्तों को ठाकुरजी की एक झलक मिली, तो उनकी सारी थकान दूर हो गई। एकादशी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से सुरक्षा व व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी और एकतरफा मार्ग व्यवस्था लागू की गई, ताकि भक्तों को दर्शन करने में सहूलियत हो और किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।