मथुरा के गोवर्धन में एकादशी से पूर्णिमा तक पांच दिन के दौरान यहां श्रद्धा, भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। सभी गिरिराज प्रभु की शरण में एक समान से नजर आते हैं। लाखों श्रद्धालु 21 किलोमीटर की परिक्रमा करने गोवर्धन पहुंचते हैं। भक्तों की बस एक ही चाह होती है, ब्रज की पावन रज का स्पर्श करते हुए नंगे पैर परिक्रमा पूरी हो जाए। इन पांच दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है।