ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में कूड़ा जलाना प्रतिबंधित है, साथ ही हरे पेड़ों के कटान पर भी रोक है। मथुरा भी टीटीजेड में शामिल है, लेकिन यहां के अधिकारियों को शायद ये याद नहीं है। सोमवार को विकास भवन में न केवल कूड़ा जलाया गया, बल्कि कूड़े से उठने वाली लपटों ने दो हरे पेड़ों को भी चपेट में ले लिया। दोनों पेड़ सुलग रहे हैं, धुएं के गुबार उठ रहे हैं, लेकिन नियमों का पाठ पढ़ाने वाले अफसर अंजान बने हुए हैं।