मथुरा के अलवर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण को लेकर रेलवे द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन का उचित मुआवजे की मांग को लेकर मोरा के निकट 24 से अधिक किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। सूचना पर पहुंचे आरपीएफ अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर ट्रैक को खाली कराया। मोरा गांव के किसानों का कहना है कि उनका गांव नगर निगम की परिधि में आता है। रेलवे उनकी जमीन का मुआवजा ग्रामीण क्षेत्र के अनुपात में दे रहा है, जो उन्हें स्वीकार नहीं है। इसी मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (सुनील) के नेतृत्व में चार दिनों से किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। शनिवार को 24 से अधिक ग्रामीण मोरा रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 7 पर रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसका पता चलते ही आरपीएफ थाने के प्रभारी निरीक्षक अवधेश गोस्वामी मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मुआवजे की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों को समझा बुझाकर हटा दिया। भाकियू सुनील के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन चतुर्वेदी ने कहा कि रेलवे अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। वह किसानों को उनकी भूमि का सही मुआवजा नहीं दे रहे हैं। जब तक किसानों को उनकी भूमि के अनुसार मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक धरना निरंतर जारी रहेगा। उधर, राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने किसानों के धरने में पहुंचकर किसानों का साथ दिया। बिट्टू पंडित, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, विश्वेंद्र चौधरी, मीना ठाकुर, भरत अग्रवाल, नवाब पोनिया, अशोक चौधरी, हर्ष चौधरी, निशांत चौधरी, महेंद्र सिंह, हरि सिंह, ताराचंद, गुलाब पूनिया आदि लोग मौजूद रहे।