संत प्रेमानंद महाराज के समर्थन में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जिस तरह से विरोध करने वाले लोगों को राक्षस के समान बताया था। उस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी सफाई पेश की है। उनके द्वारा एक वीडियो जारी किया गया है। जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने सिर्फ उन लोगों के लिए वह शब्द प्रयोग किए थे, जो राधा नाम को लेकर विरोध कर रहे थे। उन्होंने किसी भी बृजवासी के प्रति कोई भी अपशब्द नहीं कहा है। यदि किसी बृजवासी को लगता है कि उनका अपमान हुआ है, तो वह उनसे क्षमा मांगते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि यदि कोई बृजवासी किसी का हाथ पकड़ ले, तो उस व्यक्ति का उद्धार हो जाता है। उनके मन में ब्रजवासियों के प्रति कोई भी बुरी भावना नहीं है।