मथुरा में यमुना में हाल ही में हुए नाव हादसे के बाद प्रशासन की सख्ती ने नाविकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके विरोध में मंगलवार को सैकड़ों नाविकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह द्वारा सभी नावों के लिए नगर निगम में अनिवार्य पंजीकरण के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन नगर निगम की नई गाइडलाइन के तहत तय किए गए शुल्क नाव हेतु 1000 रुपये, छोटे स्टीमर के लिए 5000 रुपये और बड़े स्टीमर के लिए 10,000 रुपये वार्षिक शुल्क को लेकर गहरा आक्रोश है। नाविकों का तर्क है कि साल 2019 तक यह शुल्क महज 10 से 25 रुपये था, जिसे अब अचानक बेतहाशा बढ़ा दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने वाराणसी की तर्ज पर रजिस्ट्रेशन शुल्क मात्र 500 रुपये करने की मांग करते हुए कहा कि भारी आर्थिक बोझ से उनका रोजगार छिन जाएगा। साथ ही नाविकों ने हादसे के बाद सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने का समर्थन तो किया, लेकिन प्रशासन से अपील की कि सुरक्षा के नाम पर उत्पीड़न बंद हो और श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर और कुंवर सिंह निषाद ने भी नाविकों के हक की आवाज बुलंद की। नाविकों पर लगाए गए शुल्क का विरोध किया।