बिहार से दिल्ली जा रही एक प्राइवेट बस को मैनपुरी के करहल कट पर परिवहन विभाग की कार्रवाई के दौरान सीज कर दिया गया। इसके बाद बस को करहल कोतवाली में खड़ा करा दिया गया। आरोप है कि बस में सवार यात्रियों की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत करीब 50 से अधिक यात्री सुबह से शाम तक परेशान होते रहे। दोपहर करीब 2:30 बजे सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा करहल कट पर एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उतरीं। इसी दौरान बस में फंसे यात्रियों ने उन्हें रोककर अपनी समस्या बताई और मदद की गुहार लगाई। इसके बाद वह यात्रियों के साथ करहल कोतवाली पहुंचीं और पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बस को परिवहन विभाग द्वारा सीज किया गया है। इसके बाद अधिवक्ता ने आरटीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता की। बातचीत के दौरान यात्रियों की परेशानी को लेकर अधिकारियों से उनकी तीखी बहस भी हुई। सीमा समृद्धि कुशवाहा का कहना था कि यदि बस के विरुद्ध कार्रवाई की गई है तो यात्रियों को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।