मैनपुरी के बेवर में विकास क्षेत्र मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सपेरों का गांव बारिश होते ही टापू बन जाता है। कई बार मांग करने के बावजूद भी वर्षों वर्ष बीत गए, लेकिन सपेरों की बस्ती को रास्ता नसीब नहीं हुआ। करीब 200 की आबादी वाले छोटे से माजरे की एक नहीं अनेक समस्याएं हैं। पूर्व में राजस्व विभाग की टीमों ने निरीक्षण कर रास्ता निकालने के कई वादे किए, लेकिन मौसम बदलने के साथ ही अधिकारियों और नेताओं के वादे बदल गए। दो दिन पूर्व हुई बारिश के चलते एक बार फिर बस्ती वालों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।