मैनपुरी के कस्बा करहल स्थित ऐतिहासिक मोटामल महाराज मंदिर पर भादों (भाद्रपद) माह के अंतिम मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। मंगलवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। मोटामल महाराज मंदिर के भक्त नितिन चतुर्वेदी बताते हैं कि इस मंदिर का निर्माण पृथ्वीराज चौहान ने 1192 ईस्वी में अपने सेनापति मोटामल महाराज की याद में करवाया था। कहा जाता है कि पृथ्वीराज चौहान अपनी प्रेमिका संयोगिता को कन्नौज से अपने साथ लेकर आए थे। करहल में राजा जयचंद की सेना ने उन्हें घेर लिया, तब राजा पृथ्वीराज के वीर सेनापति मोटामल ने जयचंद की सेना को व्यस्त रखा और पृथ्वीराज को सुरक्षित निकालने में मदद की। युद्ध करते हुए सेनापति मोटामल वीरगति को प्राप्त हो गए। ऐसी मान्यता है कि एक रात सेनापति मोटामल ने पृथ्वीराज चौहान के स्वप्न में आकर कहा कि जिस स्थान पर उन्होंने वीरगति प्राप्त की, वहां उनकी समाधि और निकट ही हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की जाए। इसके बाद राजा पृथ्वीराज चौहान ने मंदिर परिसर में मोटामल महाराज का विग्रह और श्री हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करवाई।