लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं आंदोलित हो गई हैं। बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते हुए विरोध जताया। बाद में कलक्ट्रेट पहुंच मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन अतिरिक्त एसडीएम आदेश सिंह को सौंपा। जिसमें समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराए जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष फूलवती, मंत्री मंजू चौरसिया, सबीहा खान के नेतृत्व में सविता रैकवार, अर्चना सोनी, मधु, सुषमा सक्सेना, संगीता आदि ने जिला अस्पताल, रोडवेज बस स्टैंड, गुरुद्वारा, पालीवॉल मार्केट, आल्हा चौक में सड़कों पर प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट पहुंच एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं कई सालों से पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ शिशु देखभाल समेत केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में सहयोग दे रही हैं। इसके बाद भी उन्हें पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ और न ही सम्मानजनक सुविधाएं मिल रही हैं। उन्हें सरकारी कर्मचारी मानते हुए वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन समेत सभी लाभ दिए जाएं। उन्होंने प्रदेश में सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करते हुए कोरोना काल से अब तक रिटायर सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ देने, शासनादेश के अनुसार पदोन्नति करने और उसमें आयु सीमा की बाध्यता समाप्त किए जाने, किराये के भवनोंं में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का बाजार भाव के अनुसार किराया बढ़ाए जाने, उन पर बीएलओ समेत अन्य विभागोंं के काम जबरन न थोपने, बैठकों में सहभागिता के लिए टीए, डीए प्रदान करने आदि मांगें पूरी करने की मांग की। चेतावनी दी कि सात मार्च तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आठ मार्च को राजधानी लखनऊ में वृह्द आंदोलन किया जाएगा।