जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए मरीजों को नुकसान का सामना करना पड़ा। हल्की सी चोट का इलाज कराने के लिए 3500 रुपए के चार इंजेक्शन को लगवा दिया गया। साथ ही टाका चलवाने के लिए प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया गया वहां भी मरीज के परिजन को 14 हजार रुपए का बिल दे दिया गया।