नगर पालिका के अतिक्रमण हटाओ अभियान का फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों ने बुधवार को जमकर विरोध किया। इस दौरान अस्थायी दुकानदारों और पालिका कर्मचारियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। आरोप है कि घंटाघर से स्टेशन रोड के बीच कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने फल दुकानदारों की टोकरियां और फल तक वाहनों में भर लिए, जिससे दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। कार्रवाई के दौरान भाजपा कार्यकर्ता का टपरा और लोहे का खोखा हटाते समय उसी पर गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला। घटना के बाद कार्यकर्ता ओमप्रकाश अहिरवार ने जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छोटे दुकानदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है और उनकी सुनवाई नहीं हो रही।नगर पालिका प्रशासन ने मंगलवार रात को ही मुख्य बाजार क्षेत्र- सदर कांटा, पुरानी तहसील और फल मार्केट में अतिक्रमण की नापजोख कराकर मुनादी कराई थी कि दुकानदार स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद फुटपाथ खाली न होने पर बुधवार सुबह टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची और अभियान शुरू किया गया। एलआईयू कार्यालय और सदर कांटा के पास भी छोटे दुकानदारों ने खोखे हटाने का विरोध किया। एक वृद्ध दुकानदार ने गुस्से में अपना सामान सड़क पर फेंक दिया और सड़क पर लेटकर विरोध जताया। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि घंटाघर, आजाद चौक, नदीपुरा और तालाबपुरा जैसे क्षेत्रों में भी अतिक्रमण है, लेकिन वहां अभियान नहीं चलाया जाता। नगर पालिका समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से अस्थायी दुकानें लग जाती हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध वसूली के कारण यह स्थिति बनती है। यदि खाली कराए गए स्थानों की नियमित निगरानी हो, तो दोबारा अतिक्रमण रोका जा सकता है।