विधानसभा चुनाव से पहले जिले के दो विधायकों के बीच वर्चस्व की जंग खुलकर सामने आ गई है। बुधवार को सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर महरौनी विधायक व राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ को नसीहत दी। उन्होंने मंत्री से अपने पुत्रों पर नियंत्रण रखने और पद की गरिमा बनाए रखने को कहा। कुशवाहा ने दावा किया कि क्राइम ब्रांच और एलआईयू ने मंत्री की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है। उन्होंने कहा, "मंत्री के बच्चों को समझा-बुझाकर चलाएं, भविष्य खराब न करें। मेरे क्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप क्यों? मैंने कभी अनुचित तरीके से जमीन नहीं ली।' जवाब में राज्यमंत्री पंथ ने कहा कि कुशवाहा को सीधे उनसे बात करनी चाहिए थी, न कि सोशल मीडिया पर बयानबाजी करनी चाहिए थी। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। पंथ ने कहा, 'परिवार के सदस्यों की तरह सभी को मानता हूं, बयानबाजी ठीक नहीं।' कुशवाहा ने दोहराया कि मुख्यमंत्री को मामले की जानकारी दे दी गई है। यह विवाद जिले की सियासत में हलचल मचा रहा है।