मेडिकल कॉलेज में जीजा की डिग्री पर तैनात डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग की जांच में इंजीनियर निकला। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने एफआईआर,वेतन रिकवरी समेत अन्य विभागीय कार्रवाई की तैयारियां शुरु कर दी है। मामला पूरे दिन चर्चाओं रहा। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश के निर्देश पर सीएमओ डाॅ. इम्तियाज अहमद ने तीन सदस्यीय कमेटी जांच कमेटी गठित की जिसमें अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.वीरेंद्र सिंह,सीएमएस डॉ.गजेंद्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारी हेमंत कुमार ने जांच पड़ताल की। बृहस्पतिवार को जांच कमेटी शिकायतकर्ता डॉ.सोनाली सिंह के डेमरोड स्थित आवास पर पहुंची जहां उनके ब्यान दर्ज किए। जांच के दौरान कमेटी ने पाया कि डॉ.राजीव गुप्ता अमेरिका के एक अस्पताल में कार्यरत है। इन्हीं की डिग्री लगाकर मेडिकल काॅलेज में एनएचएम के अंतर्गत कार्डियो एवं जनरल मेडिसिन के पद पर एनसीडी सेल में चिकित्सक बनकर नौकरी करने वाला व्यक्ति अभिनव सिंह है। अभिनव सिंह ने आईआईटी रुड़की से पढ़ाई कर इंजीनियर बना है। वर्ष 2013 में अभिनव सिंह ने अपना आधार कार्ड राजीव गुप्ता के नाम से बनवाया। इसके बाद पेनकार्ड भी इसी नाम से बनवाया है। साथ ही दोनों दस्तावेजों से बैंक में खाता खुलवाया और इन्हीं दस्तावेज के सहारे स्वास्थ्य विभाग में नौकरी पा ली। जांच में चिकित्सक बने व्यक्ति की इंजीनियर अभिनव सिंह के रूप में पुष्टि हुई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा में विभागीय कार्रवाई, वेतन रिकवरी व एफआईआर की तैयारियों में जुट गया है।