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महाधिवेशन में कर्मियों ने जताया रोष, कहा- नए श्रम कानून में हड़ताल को अपराध की श्रेणी में डाला गया

शिखा पांडेय Updated Sat, 29 Nov 2025 08:08 PM IST

कानपुर डिवीजन इंश्योरेंस इम्प्लाइज एसोसिएशन का दो दिवसीय महाधिवेशन शनिवार से माल रोड स्थित एलआईसी स्पोर्ट्स क्लब में शुरू हुआ। इसमें नई श्रम संहिताओं और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई आने पर चिंता जताई गई। श्रम संहिता को वापस लेने की मांग उठाई गई। कहा गया कि नई संहिता में हड़ताल जैसे सांविधानिक अधिकार को अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है। अधिवेशन में नार्थ सेंट्रल जोन इंश्योरेंस इम्प्लाइज एसोसिएशन के महामंत्री राजीव निगम ने बताया कि नए श्रम कानून में 300 या इससे कम कामगार होने पर प्रबंधन संस्थान को कभी भी बंद कर सकता है। इसके लिए सरकार से अनुमति भी नहीं लेनी होगी जबकि पहले यह सीमा 100 या अधिक कामगार थी। इसी तरह 50 से कम कामगारों वाले ठेकेदार को कम्प्लायंस की आवश्यकता नहीं होगी। काम के घंटे बढ़ाकर आठ के बजाय 12 कर दिए गए हैं। विदेशी और पूंजीवादी कंपनियों के दबाव के कारण ही सरकार ने अचानक नए श्रम कानूनों को लागू कर दिया। अशोक तिवारी ने कहा कि बीमा उद्योग के सामने भी नई चुनौतियां आने वाली हैं। इस मौके पर मनोज कुमार, अमित मिश्रा, संजय श्रीवास्तव, मयंक यादव, राकेश कनौजिया, मनीष श्रीवास्तव, चेतन निगम, इंद्र गुप्ता, पंकज द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

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