भीतरगांव इलाके में मवेशियों में चारे के संकट को देखते हुए किसानों ने खेतों में ज्वार के बोझ काटकर इकट्ठा कर लिया है। अब उन बोयो की कीमत ₹50 से भी अधिक पहुंच गई है। 22 से 26 फीट तक लम्बी कर्बी का पौधा पशुपालकों की पहली पसंद बना है। इसका चारा पौष्टिक और आसानी से पचने योग्य होता है, जिससे यह उनकी सेहत और दूध उत्पादन के लिए फायदेमंद होता है।