जल निगम द्वारा जल जीवर मिशन ग्रामीण के अंतर्गत लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए जाने के लिए वर्ष 2023 में कार्य शुरू कराया गया जिसे तीन साल में पूरा करना था लेकिन कई विभागीय कारणों की वजह से कार्य पिछड़ता गया और अब जून 2027 में कार्य पूरा होगा। वहीं फंड की अनुउपलब्धता होने का कारण बताया गया जबकि एनएच-31 पर भूमिगत पेयजल पाइप लाइन डालने के लिए एनएचएआई द्वारा अनुमति न मिलने के कारण भी काम रूका रहा। कार्य अगले साल तक पूरा हो सके इसके लिए जल निगम की कार्यदायी एजेंसी मेधा इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी के डीजीएम रवि दुवेदी सोमवार को सरैया रेलवे क्रॉसिंग आरओबी के नीचे हो रहे भूमिगत पेयजल पाइप लाइन डालने का कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। जिन्होंने बताया कि करीब 360 करोड़ का प्रोजेक्ट है जिससे जिले के करीब 1673 गांवों के लाखों लोगों को इस योजना के अंतर्गत शुद्ध पेयजल मिलेगा। कार्य जून 2023 में शुरू हुआ था जिसे अगले दो साल में पूरा करना था लेकिन विभाग की ओर से फंड न मिलने से कार्य में कुछ व्यवधान आया, कुछ दिन पहले ही आधा फंड कंपनी को मिल गया जिसके बाद दिनरात तेजी से कार्य कराया जा रहा है। बताया कि नेशनल हाइवे संख्या 31 में भूमिगत पेयजल पाइप लाइन डाली जानी है लेकिन एनएचएआई द्वारा एनओसी अब तक नहीं मिली है जिसके लिए रिमाइंडर लेटर एनएचएआइई को भेजा जा चुका है। बताया कि कोरारी कला से गंगा बैराज इंटक वेल तक भूमिगत पेयजल पाइपलाइन डाली जानी है। 40 प्रतिशत कार्य पहले की पूर्ण हो चुका है और अब 60 प्रतिशत कार्य एक साल के अंदर कंपनी तेजी से कार्य करते हुए पूर्ण करेगी।