जीटी रोड पर आईआईटी गेट से मंधना परगही पुलिया अंडरपास के बीच सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था न होने से हजारों लोग रोज अपनी जान दांव पर डालने को मजबूर हैं। महज दो किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए सात किलोमीटर का चक्कर लगाने की मजबूरी के चलते वाहन चालक हाईवे पर उलटी दिशा में तेजी से वाहन दौड़ा रहे हैं। इससे यह पूरा इलाका हादसों का नया डेथ कॉरिडोर बनता जा रहा है। मंधना फ्लाईओवर के सर्विस लेन पर रविवार को छत्तीरतन धाम के बाहर उलटी दिशा में पिकअप की टक्कर से ताऊ अवनीश यादव और उनके भतीजे हरिओम उर्फ अनुभव की मौत हो गई थी। हादसे के बाद भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा। सोमवार को घटनास्थल पर ताऊ और बच्चों की चप्पलें बिखरी पड़ी हुई थीं। इस दौरान धड़ल्ले से उसी स्थान से लोग उलटी दिशा में ओवरस्पीड में गुजर रहे थे। मौके पर कोई अधिकारी और ट्रैफिक सिपाही झांकने तक नहीं पहुंचा।