मुहर्रम की 10वीं पर रविवार को यौम-ए-आशूरा पर गम-ए-हुसैन में मातम कर लोग लहूलुहान हो गए। मातमी अंजुमनों के बैनर तले लोगों ने यजीद डूब गया शाम के अंधेरे में, हुसैन फैले हैं दुनिया में रोशनी की तरह नौहा पढ़कर मातम किया। इस दौरान हर तरफ या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। यौम-ए-आशूरा पर ग्वालटोली, पटकापुर, बाबूपुरवा, रावतपुर, जाजमऊ, सकेरा इस्टेट, कर्नलगंज समेत विभिन्न इलाकों से ताजिया के जुलूस निकले गए। छोटी कर्बला ग्वालटोली और बड़ी कर्बला नवाबगंज के अलावा लोगों ने अन्य छोटी कर्बला में ताजिये दफन किए।