ब्रिटिश हुकूमत में बने रेल गंगा पुल के डाउन रेल लाइन के पुराने ट्रफ हटाकर उनमें लोहे के गर्डर डालने के साथ नए एचबीम टाइप स्लीपर डाले जाने का कार्य दो अप्रैल से मेगा ब्लॉक लेकर होना है। बुधवार को सुबह लखनऊ से उत्तर रेलवे के सीडब्लूएम ब्रिज व चीफ वर्कशॉप मैनेजर जयंत चौधरी ने रेल गंगा पुल का जायजा लिया। एक घंटे तक ट्रफ को कम समय में कैसे काटा जाए, इसको लेकर रुपरेखा बनाई और मातहतों को दिशा निर्देश दिए। उत्तर रेलवे के सीडब्लूएम ब्रिज जयंत चौधरी के साथ डिप्टी चीफ वर्कशॉप मैनेजर नितिन मंगवाल व डीईएन (पंचम) प्रवेंद्र कुमार बुधवार को सुबह 11 बजे रेल गंगा पुल पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने अधीनस्थ रेल अफसरों को बताया कि दो अप्रैल से मेगा ब्लॉक लेकर काम शुरू हो रहा है, जिसे 13 मई तक खत्म करना है। ऐसे में काम तय समय पर हो इसके लिए कम समय में हमें डाउन रेल लाइन पर लगे लोहे के गर्डर को हटाना है। इसके लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाने के साथ हाईटेक तकनीक का प्रयोग करना होगा। मौके पर मौजूद रेलवे ठेकेदार ने बताया कि कम से कम तीन सौ मजदूर लग सकते है। 17 सौ से अधिक एचबीम टाइप स्लीपर डाले जा सकते है। कार्य की शुरूआत कानपुर छोर से करनी होगी। चीफ वर्कशॉप मैनेजर ने बताया कि मेगा ब्लॉक को लेकर कार्य होना है, उसी के लिए वह यहां आए है ताकि रेल गंगापुल का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य जल्द खत्म करने की रणनीति बना सके।