मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में रविवार को नरसिंह चतुर्दशी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। विशेष मंगल आरती के बाद सुबह आठ बजे से श्री नरसिंह लीला विशेष कथा सत्र का आयोजन हुआ। इसमें मुंबई से आए नंद दुलाल प्रभु ने भगवान नरसिंह के दिव्य गुणों का विशेष वर्णन किया। नरसिंह देव को 56 भोग अर्पित किए गए और महाआरती हुई। नंद दुलाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण भक्तों के उद्धार के लिए विभिन्न रूप धारण करते हैं। भक्त प्रहलाद की रक्षा व हिरण्यकश्यप के वध के लिए ही भगवान आधे सिंह व आधे मनुष्य के रूप में प्रकट हुए थे। भगवान का नरसिंह रूप अत्यंत विशेष है जो भक्तों की सदैव रक्षा करता है।