कानपुर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रावतपुर और साकेतनगर में चल रही मोमोज निर्माणशालाओं में गंदगी के बीच मोमोज बनाए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को छापा मारा तो बिना पंजीकरण मोमोज और रंगीन चटनी तैयार होते मिली। गंदगी देख टीम ने तीनों निर्माणशालाओं का संचालन तुरंत बंद करा दिया। जांच के लिए नमूने लिए। मौके पर मिली करीब 115 किलो संदिग्ध चटनी नष्ट कराई गई। टीम ने केशवनगर, रावतपुर गांव स्थित आकाश मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया। यहां परिसर में गंदगी का अंबार मिला और मोमोज के साथ परोसी जाने वाली चटनी बेहद गंदगी में रखी मिली। टीम ने चटनी का नमूना जांच सील किया और लगभग 40 किलो चटनी नष्ट कराई। इसके बाद टीम ने 116/139ए, रावतपुर गांव स्थित श्री बालाजी मोमोज निर्माणशाला पर छापा मारा। प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार का पंजीकरण तक नहीं था। यहां भी गंदगी के बीच मोमोज तैयार किए जा रहे थे और रंगीन चटनी गंदगी में रखी मिली। विभाग ने मोमोज और चटनी के नमूने संग्रहित किए तथा करीब 45 किलो रंगीन चटनी नष्ट कराई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रश्मि प्रभा ने साकेतनगर स्थित एक अन्य मोमोज निर्माणशाला की जांच की। यहां नमूने लेकर 30 किलो चटनी नष्ट कराई। सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय संजय प्रताप सिंह ने बताया कि तीन सेंटरों को सीज कर दिया गया है। नमूने जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। मसवानपुर में मोमोज बेचने वाले ठेलों की जांच की गई। यहां ठेलों पर रखे रंगीन फिंगर चिप्स और रंगीन चटनी खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं मिली। अधिकारियों ने मौके पर ही इन खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया।