कुम्हऊपुर गांव में आज फाग गायन के साथ उल्लास और भक्ति का संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजी फाग टोली ने ढोलक और झांझ की थाप पर 'होली आई रे' के गीतों के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया।गली-गली घूमकर बड़ों का आशीर्वाद लेते और रंग-गुलाल उड़ाते हुए यह टोली अंत में माता के दरबार (मंदिर) पहुंची। यहां देवी मां के चरणों में शीश नवाकर और विशेष फाग पद गाकर कार्यक्रम का समापन किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा न केवल आपसी भाईचारे को बढ़ाती है, बल्कि क्षेत्र की खुशहाली की कामना का भी प्रतीक है।