एक सप्ताह में दो लिपिकों के निलंबन के विरोध में मंगलवार को केडीए कर्मी लामबंद हो गए। कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। कर्मचारी निलंबित लिपिक को बहाल करने और ओएसडी पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। केडीए उपाध्यक्ष के आश्वासन पर भी कर्मचारी शांत नहीं हुए और दिनभर काम ठप रखा। मंगलवार सुबह कार्यालय खुलने के बाद लिपिकों के निलंबन को लेकर कर्मचारियों में बहस होने लगी। कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रथम तल पर सभी कर्मचारी एकत्र हुए और कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया और नारेबाजी करते हुए गैलरी में एकत्र हो गए। कर्मचारियों ने बैनर लगाकर कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी और वहीं बैठ गए। आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने ओएसडी के नाम से शिकायत की थी जबकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करते हुए बिना जांच के ही लिपिक अतुल सोनकर को निलंबित कर दिया गया।