16 से ज्यादा भाषाओं में 25 हजार से ज्यादा गाने गा चुकीं पद्मश्री गायिका कविता कृष्णमूर्ति शनिवार को लाजपत भवन में डोला रे डोला रे, मेरा पिया घर आया हो रामजी, प्यार हुआ चुपके से जैसे गाने सुनाए तो श्रोता झूम उठे। मौका था अमर उजाला व स्मृति साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था के संयुक्त सहयोग से 44वें अखिल भारतीय संगीत समारोह का। कविता ने अपनी गायकी से देर रात तक लोगों को बांधे रखा।