अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह के एक गुर्गे फतेहगढ़ निवासी जाहिद अली को शनिवार दोपहर एसटीएफ ने हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। उसके पास से 171 कछुए बरामद हुए हैं। पूछताछ में जाहिद ने एसटीएफ को बताया कि वह फतेहगढ़ के स्थानीय तस्करों के माध्यम से नदियों और तालाबों से कछुए निकलवाकर उन्हें बिहार और पश्चिम बंगाल तक सप्लाई करता था। एसटीएफ के उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दकी ने बताया कि जाहिद के साथियों की तलाश की जा रही है। उपनिरीक्षक ने बताया कि बीते कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कानपुर से बड़े पैमाने पर कछुओं की तस्करी की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को एक टिप मिली कि हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र से कछुआ तस्कर सप्लाई लेकर निकलने वाले हैं। इस पर रेलवे क्रासिंग के पास घेराबंदी कर जाहिद को पकड़ा गया। उसके पास बोरे में बंद 171 कछुए (इंडियन रूफर्ड टर्टल), आधार कार्ड और मोबाइल मिला है। बताया कि कछुओं की 29 में से 15 प्रजातियां यूपी में पाईं जाती है। इनमें से भी 11 प्रजाति के कछुओं की तस्करी की जाती है। इन कछुओं की झिल्ली को सुखाकर शक्तिवर्धक दवाएं बनाई जाती हैं। गंगा, यमुना, चंबल, गोमती, घाघरा आदि नदियों में बारिश के दिनों में बड़ी संख्या में कछुए पाए जाते हैं। उप निरीक्षक ने बताया कि पश्चिंम बंगाल और बिहार से भी कछुओं की तस्करी विदेशों जैसे बांग्लादेश, चीन, हांगकांग और मलेशिया तक की जाती है। शनिवार को हुई कार्रवाई में एसटीएफ के साथ वन विभाग की टीम भी शामिल रही।