कानपुर के ग्वालटोली में श्रमिक दिवस पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने गोष्ठी कर मजदूरों के अधिकारों की आवाज बुलंद की। नेताओं ने कहा कि 1886 से शुरू हुआ आठ घंटे काम का संघर्ष आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों और मुफ्त सहायता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में नए श्रम कानूनों की चुनौतियों और असंगठित वर्ग की सुरक्षा पर विशेष चर्चा हुई।