40 दिवसीय चालीहा महोत्सव के तहत शनिवार को गुजैनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में तीसरे दिन धार्मिक आयोजन उल्लास के साथ संपन्न हुए। सुबह भगवान झूलेलाल की आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। शाम को बहराणा साहिब का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। महिला भक्तों ने लाल सांई के पारंपरिक लोकगीत और भजनों की प्रस्तुति दी। जागंदी रहे जोत झूलण जी सदाई..., बेड़ों त मुहिंजे लाल जो पाण ई तरंदो ईंदो... और रख त जोतिनवारे ते पाण ई पूरी कंदो... जैसे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। मंदिर अध्यक्ष मनोज माखीजा और महामंत्री आरके बजाज ने बताया कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय रामबाग में स्थापित की गई अखंड ज्योति से ही गुजैनी स्थित मंदिर में भी ज्योति प्रज्ज्वलित की गई है। इसी ज्योति के सान्निध्य में भक्त 40 दिनों तक भगवान झूलेलाल की आराधना करते हैं। रात में ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकाली गई और बहराणा साहिब को मर्दनपुर स्थित गंगा नहर में श्रद्धापूर्वक समर्पित किया गया। इस मौके पर महामंत्री राजकुमार बजाज, ओमी, कमल लखूजा, करन कुकरेजा, धीरज हिरानी, दीनू समेत अन्य भक्त मौजूद रहे।