आयकर विभाग ने कुछ विशिष्ट उच्च मूल्य के खर्चों पर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य किया है। एक लाख रुपये से अधिक के बिजली खर्च का भुगतान करने वाले व्यक्तियों को भी आयकर रिटर्न दाखिल करना होगाा। किसी बैंक के चालू खाते में एक वर्ष में कुल एक करोड़ रुपये से अधिक धनराशि जमा की गई है तो रिटर्न अनिवार्य है। कारोबार और पेशे से आय अर्जित करने वाले 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। मर्चेंट चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि आयकर विभाग ने कुछ उच्च मूल्य के खर्चों और पूंजीगत लाभ पर छूट का दावा करने वाले व्यक्तियों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम उन करदाताओं पर भी लागू होगा जिनकी आय कर योग्य सीमा से कम है। साझेदारी फर्मों और कंपनियों को लाभ या हानि की स्थिति में भी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। चैरिटेबल ट्रस्ट, संस्थान, राजनीतिक दल और विश्वविद्यालय भी करमुक्ति सीमा से अधिक आय होने पर रिटर्न दाखिल करेंगे।