कानपुर ओबीएस और गाइनेकोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से 'सशक्त नारी सशक्त देश' विषय पर आयोजित सीएमई में मुख्य वक्ता डॉ. लुबना खान ने गर्भवती महिलाओं में एनीमिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल डिजीज की समय पर जांच कराने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इन बीमारियों से गर्भपात और प्लेसेंटा संबंधी गंभीर खतरे हो सकते हैं, जिनसे समय रहते बचाव जरूरी है।