आईआईटी कानपुर में चल रहे इंटर सांस्कृतिक महोत्सव 8.0 के तीसरे दिन परिसर में रचनात्मकता, तात्कालिक अभिव्यक्ति और संगीत का जीवंत संगम देखने को मिला। विभिन्न आईआईटी से आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा और कल्पनाशीलता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दिन कथानक आधारित और लाइव प्रारूप की प्रतियोगिताएं मुख्य आकर्षण बनीं, जिनमें रंगमंच, फिल्म, साहित्य, क्विज, ललित कला और वक्तृत्व से जुड़े आयोजन खास आकर्षण रहे। नाटकों ने सामाजिक मुद्दों और समकालीन विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। कलाकारों की सशक्त अभिनय क्षमता और संवाद अदायगी ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। फिल्म आर्ट्स कप में ऑनलाइन लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग ने कहानी कहने की कला का सशक्त प्रदर्शन किया। साहित्यिक और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं में कहानी लेखन और जस्ट-ए-मिनट (जैम) सत्रों ने प्रतिभागियों की सोच, शब्द सामर्थ्य और आत्मविश्वास को मंच दिया। साइ-बिज-टेक और मेला क्विज में टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां ज्ञान, तर्क और त्वरित निर्णय क्षमता की परीक्षा हुई। ललित कला के क्षेत्र में लाइव स्केचिंग और कैनवास पेंटिंग ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता को सजीव रूप दिया। कलाकारों ने सीमित समय में अपनी कल्पनाओं को रंगों और रेखाओं में उतारकर दर्शकों को प्रभावित किया। पाक कला प्रतियोगिताओं में नवाचार देखने को मिला। महोत्सव ने प्रतिभागियों और दर्शकों दोनों को रचनात्मक ऊर्जा और उत्साह का अनूठा अनुभव प्रदान किया।