घर के काम के लिए परिवार वालों की डांट युवती इतनी नागवार गुजरी कि वह लखनऊ स्थित घर से भाग गई। ट्रेन से वह कानपुर तक आ गई और यहां दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही थी। शंका होने पर जीआरपी उसे थाने लाई और पूरा मामला समझकर परिजनों को बुलाया। कानपुर सेंट्रल स्टेशन के जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओमनारायण सिंह ने बताया कि वह टीम के साथ सोमवार दोपहर प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया, टिकट घर, यात्री प्रतीक्षालय का भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-4/5 पर 20 साल की एक युवती चेकिंग के दौरान अकेले बैठे मिली। अंदेशा होने पर पूछताछ की तो बताया कि वह मूल रूप से देवरिया के ग्राम पिपरहिया निवासी है। इस वक्त मां-पिता सहित पूरे परिवार के साथ लखनऊ में निवास करती हैं। परिवार वालों ने घरेलू काम के लिए कई पर डांटा तो उसे गुस्सा आ गया और वह बिना किसी को बताए भाग आई। उससे पिता का मोबाइल नंबर लेकर कॉल कर बुलाया गया। उसके पिता जीआरपी थाने आए, तो उनकी सुपुर्दगी में युवती को दिया गया और वह उसे लेकर लखनऊ चले गए।